यह कैलकुलेटर क्या करता है
यह टूल आपको बिल्कुल सटीक बताता है कि आप कितने दिन के हो चुके हैं। बस अपनी जन्मतिथि और एक संदर्भ तिथि (डिफ़ॉल्ट रूप से आज की तारीख) डालिए, और यह दोनों तारीखों के बीच बीते कुल दिनों, हफ्तों और घंटों की गिनती कर देता है। साल में अपनी उम्र सोचने के बजाय यह एक मज़ेदार और बेहद सटीक तरीका है।
इसका इस्तेमाल कैसे करें
सबसे पहले अपना जन्म वर्ष, महीना और दिन डालिए। इसके बाद वह संदर्भ तिथि डालिए जिसके मुकाबले आप गिनती करना चाहते हैं — अगर आपको आज की तारीख तक अपनी उम्र दिनों में जाननी है तो इसे आज की तारीख पर ही रहने दें, या किसी ख़ास पड़ाव जैसे अपने 10,000वें दिन तक की गिनती के लिए इसे बदल दें। फिर 'कैलकुलेट' पर क्लिक कीजिए और दिनों, हफ्तों व घंटों में अपनी उम्र देखिए।
फॉर्मूला समझिए
यह गणना बस दो कैलेंडर तारीखों के बीच का अंतर है, जिसे दिनों में मापा जाता है: दिन = संदर्भ तिथि − जन्मतिथि।
$$\text{दिन} = \text{संदर्भ तिथि} - \text{जन्मतिथि}$$भीतर ही भीतर दोनों तारीखों को एक तय बिंदु से मिलीसेकंड में बदला जाता है, उनका अंतर निकाला जाता है, और उस मान को एक दिन के मिलीसेकंड (86,400,000) से भाग दिया जाता है।
$$d = \frac{t_{ref} - t_{birth}}{86400000}$$हफ्ते = दिन ÷ 7, और घंटे = दिन × 24।
$$w = d / 7, \quad h = d \times 24$$चूँकि यह असली कैलेंडर तारीखों पर काम करता है, इसलिए लीप वर्ष अपने आप गिनती में शामिल हो जाते हैं।
एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपका जन्म 1 जनवरी 2000 को हुआ और संदर्भ तिथि 1 जनवरी 2020 है। इस अवधि में 20 साल आते हैं, जिनमें से पाँच (2000, 2004, 2008, 2012, 2016) लीप वर्ष हैं। इससे गिनती बनती है
$$15 \times 365 + 5 \times 366 = 5{,}475 + 1{,}830 = 7{,}305 \text{ दिन}$$इसे 7 से भाग देने पर लगभग \(7{,}305 / 7 \approx 1{,}043.6\) हफ्ते मिलते हैं, और 24 से गुणा करने पर \(7{,}305 \times 24 = 175{,}320\) घंटे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इसमें लीप वर्ष गिने जाते हैं? हाँ। चूँकि यह असली कैलेंडर तारीखों का अंतर निकालता है, इसलिए हर लीप दिवस अपने आप शामिल हो जाता है।
संदर्भ तिथि क्यों इस्तेमाल करें? मनचाही संदर्भ तिथि डालकर आप किसी बीते या आने वाले दिन के लिए अपनी उम्र जान सकते हैं, या 10,000 दिन जैसे पड़ावों तक की उल्टी गिनती कर सकते हैं।
क्या जन्म वाला दिन भी गिनती में शामिल है? नहीं — यह दोनों तारीखों के बीच के पूरे दिनों की गिनती करता है, इसलिए जन्मतिथि को 'दिन शून्य' माना जाता है।