टैरिफ कॉस्ट कैलकुलेटर क्या है?
टैरिफ (जिसे इम्पोर्ट ड्यूटी या आयात शुल्क भी कहते हैं) किसी देश में लाए जाने वाले सामान पर लगने वाला कर होता है। यह कैलकुलेटर बताता है कि आपको कितनी ड्यूटी चुकानी होगी और टैरिफ जुड़ने के बाद आपके आयातित सामान की कुल लागत कितनी पड़ेगी। यह आयातकों, ई-कॉमर्स विक्रेताओं और विदेश से खरीदारी करने वालों के लिए बेहद उपयोगी है, जो अपना सामान पहुंचने से पहले उसकी असली कीमत जानना चाहते हैं।
इसका इस्तेमाल कैसे करें
अपने सामान का इम्पोर्ट वैल्यू (कस्टम वैल्यू, यानी आमतौर पर चुकाई गई कीमत) और टैरिफ दर को प्रतिशत में दर्ज करें। कैलकुलेटर दोनों को गुणा करके देय टैरिफ निकालता है और फिर उसे इम्पोर्ट वैल्यू में जोड़कर आपकी कुल लैंडेड लागत बता देता है। ध्यान रखें कि यह एक सरल अनुमान है — इसमें सेल्स टैक्स/VAT (भारत में GST), ब्रोकरेज या शिपिंग शुल्क शामिल नहीं हैं, जो हर देश में अलग-अलग होते हैं।
फॉर्मूला समझें
गणित बेहद आसान है:
$$\text{टैरिफ} = \text{इम्पोर्ट वैल्यू} \times \frac{\text{टैरिफ दर}}{100}$$प्रतिशत को दशमलव में बदलने के लिए दर को 100 से भाग किया जाता है। कुल लागत बस
$$\text{कुल लागत} = \text{इम्पोर्ट वैल्यू} + \text{टैरिफ}$$होती है।
उदाहरण के साथ समझें
मान लीजिए आप $10,000 कीमत का सामान आयात करते हैं और टैरिफ दर 25% है। तब टैरिफ होगा
$$10{,}000 \times 0.25 = \mathbf{2{,}500}$$अन्य शुल्कों से पहले आपकी कुल लैंडेड लागत होगी
$$10{,}000 + 2{,}500 = \mathbf{12{,}500}$$।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इसमें VAT या सेल्स टैक्स शामिल है? नहीं। कई देश ड्यूटी के ऊपर VAT या सेल्स टैक्स (भारत में IGST) भी वसूलते हैं; पूरा हिसाब लगाने के लिए उन्हें अलग से जोड़ें।
मुझे कौन-सी वैल्यू इस्तेमाल करनी चाहिए? सामान की कस्टम (घोषित) वैल्यू इस्तेमाल करें। कुछ देश शुल्क योग्य वैल्यू में माल भाड़ा और बीमा (CIF) भी शामिल करते हैं।
टैरिफ दर कहां से पता करूं? टैरिफ दरें उत्पाद के HS कोड और आयात करने वाले देश पर निर्भर करती हैं; अपने देश की कस्टम टैरिफ अनुसूची देखें (भारत में CBIC की दरें)।