अर्निंग पर क्लिक (EPC) क्या है?
अर्निंग पर क्लिक (EPC) एफिलिएट मार्केटिंग का एक बेहद ज़रूरी मेट्रिक है, जो यह बताता है कि किसी मर्चेंट या ऑफर पर भेजे गए हर एक क्लिक से आप औसतन कितनी कमाई करते हैं। इससे पता चलता है कि कोई खास लिंक, कैंपेन या एफिलिएट प्रोग्राम प्रति-क्लिक के हिसाब से कितना फायदेमंद है। नतीजतन, अलग-अलग ऑफर्स की तुलना करना और अपना ट्रैफ़िक कहाँ भेजना है, यह तय करना काफी आसान हो जाता है।
इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
सबसे पहले किसी तय अवधि या कैंपेन की अपनी कुल एफिलिएट कमाई डालें, फिर उन लिंक पर मिले कुल क्लिक की संख्या भरें। कैलकुलेटर कमाई को क्लिक से भाग देकर आपकी EPC निकाल देता है। EPC जितनी ज़्यादा होगी, हर क्लिक आपके लिए उतना ही कीमती होगा — और इसी आधार पर आप अपने सबसे बेहतरीन परफॉर्म करने वाले प्रोग्राम्स को प्राथमिकता दे सकते हैं।
फ़ॉर्मूला आसान शब्दों में
फ़ॉर्मूला बिल्कुल सीधा है: $$\text{EPC} = \frac{\text{कुल एफिलिएट कमाई}}{\text{कुल क्लिक}}$$ यहाँ कमाई में उन क्लिक से बनी सारी कमीशन शामिल होती है, जबकि क्लिक का मतलब है आपके ट्रैकिंग लिंक से भेजे गए कुल विज़िट। नतीजा प्रति क्लिक डॉलर मूल्य के रूप में आता है।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए किसी एफिलिएट प्रोग्राम से आपको 2,000 क्लिक पर $500 की कमाई हुई। तो $$\text{EPC} = \frac{500}{2{,}000} = \$0.25$$ यानी औसतन आपके भेजे हर क्लिक से आपको 25 सेंट मिलते हैं। अगर कोई दूसरा ऑफर $0.40 EPC देता है, तो वहाँ ट्रैफ़िक भेजकर आप ज़्यादा कमाई कर सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या ज़्यादा EPC हमेशा बेहतर होती है? आम तौर पर हाँ, लेकिन कन्वर्ज़न रेट और ट्रैफ़िक वॉल्यूम का भी ध्यान रखें — बहुत कम क्लिक के साथ ऊँची EPC, ज़्यादा वॉल्यूम वाली मध्यम EPC के मुकाबले कुल मिलाकर कम कमाई दे सकती है।
अच्छी EPC कितनी होती है? यह निच (niche) और ऑफर के हिसाब से काफ़ी अलग-अलग होती है। किसी तय बेंचमार्क से तुलना करने के बजाय अपने ही अलग-अलग प्रोग्राम्स की EPC की आपस में तुलना करें।
क्या EPC में रिफंड या रिवर्सल शामिल होते हैं? सबसे सटीक EPC के लिए रिवर्स या रिफंड हुई कमीशन घटाने के बाद की नेट (कन्फर्म) कमाई इस्तेमाल करें।