अर्निंग यील्ड क्या होती है?
अर्निंग यील्ड बताती है कि किसी कंपनी में लगाए गए हर रुपए (या डॉलर) पर वह साल भर में कितने प्रतिशत मुनाफा कमाती है। इसे निकालने के लिए प्रति शेयर आय (EPS) को मौजूदा शेयर कीमत से भाग दिया जाता है। चूँकि यह जाने-माने प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) अनुपात का उल्टा रूप है, इसलिए अर्निंग यील्ड की मदद से निवेशक किसी स्टॉक के मुनाफे के रिटर्न की सीधी तुलना बॉन्ड यील्ड, बचत खातों की ब्याज दरों या दूसरे शेयरों के साथ एक ही पैमाने पर कर सकते हैं।
इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) और उसकी मौजूदा शेयर कीमत दर्ज करें। कैलकुलेटर अर्निंग यील्ड को प्रतिशत में और निहित P/E अनुपात दोनों दिखा देगा। आमतौर पर ज़्यादा अर्निंग यील्ड का मतलब है कि मुनाफे के मुकाबले स्टॉक का मूल्यांकन सस्ता है, जबकि कम यील्ड यह संकेत दे सकती है कि स्टॉक महँगा है या उसमें तेज़ ग्रोथ की उम्मीद पहले से ही कीमत में जुड़ चुकी है।
फॉर्मूला समझें
$$\text{Earnings Yield} = \frac{\text{EPS}}{\text{Share Price}} \times 100\%$$ चूँकि \(\text{P/E} = \text{कीमत} \div \text{EPS}\) होता है, इसलिए अर्निंग यील्ड बस \(1 \div \text{P/E}\) के बराबर है। उदाहरण के लिए, जिस स्टॉक का P/E 20 है, उसकी अर्निंग यील्ड 5% होगी।
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए किसी स्टॉक की EPS $5 है और वह $100 प्रति शेयर पर ट्रेड कर रहा है। $$\text{Earnings Yield} = \frac{5}{100} = 0.05 = 5\%$$ इसका निहित P/E हुआ \(100 / 5 = 20\)। यानी हर $100 के निवेश पर कंपनी साल भर में $5 का मुनाफा कमाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या ज़्यादा अर्निंग यील्ड बेहतर मानी जाती है? अक्सर हाँ, क्योंकि यह दर्शाती है कि निवेश के हर रुपए पर ज़्यादा मुनाफा मिल रहा है, लेकिन कंपनी की ग्रोथ, कर्ज़ और कमाई की गुणवत्ता को हमेशा ध्यान में रखें।
बॉन्ड यील्ड से इसकी तुलना कैसे होती है? निवेशक किसी स्टॉक की अर्निंग यील्ड की तुलना सरकारी बॉन्ड यील्ड से करते हैं ताकि इक्विटी रिस्क प्रीमियम का अंदाज़ा लगाया जा सके।
मुझे ट्रेलिंग EPS इस्तेमाल करनी चाहिए या फॉरवर्ड? दोनों चल जाती हैं; ट्रेलिंग EPS पिछले 12 महीनों की कमाई पर आधारित होती है, जबकि फॉरवर्ड EPS विश्लेषकों के अनुमानों पर। बस अलग-अलग कंपनियों की तुलना करते समय एक ही तरीका अपनाएँ।