इक्विटी डाइल्यूशन क्या है?
इक्विटी डाइल्यूशन तब होता है जब कोई कंपनी नए शेयर जारी करती है — आमतौर पर किसी फंडिंग राउंड में, कर्मचारियों के स्टॉक ऑप्शन पूल को बढ़ाते समय, या कन्वर्टिबल नोट के शेयरों में बदलने पर। चूंकि कुल शेयरों की संख्या बढ़ जाती है, पर आपके शेयरों की संख्या वही रहती है, इसलिए कंपनी में आपकी हिस्सेदारी का प्रतिशत घट जाता है। यह कैलकुलेटर साफ-साफ दिखाता है कि नए शेयर जारी होने से पहले और बाद में आपके पास कंपनी का कितना हिस्सा है।
कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
बस तीन आंकड़े डालें: आपके मौजूदा शेयर, नए राउंड से पहले कुल बकाया शेयर (total shares outstanding), और कंपनी द्वारा जारी किए जाने वाले नए शेयरों की संख्या। टूल आपको आपकी नई हिस्सेदारी का प्रतिशत, कितने प्रतिशत अंक (percentage points) घटे, और आपका रिलेटिव डाइल्यूशन — सब कुछ बता देगा।
फॉर्मूला आसान शब्दों में
आपकी हिस्सेदारी हमेशा आपके शेयरों को कुल शेयरों की संख्या से भाग देने पर निकलती है। राउंड से पहले आपका हिस्सा होता है आपके शेयर ÷ कुल शेयर। राउंड के बाद नीचे (denominator) में नए जारी शेयर जुड़ जाते हैं: आपके शेयर ÷ (कुल शेयर + नए जारी शेयर)। इन दोनों के बीच का अंतर ही आपका डाइल्यूशन है।
$$\text{New Ownership \%} = \frac{\text{Your Shares}}{\text{Total Shares} + \text{New Shares}} \times 100$$
एक उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपके पास किसी स्टार्टअप के 100,000 शेयर हैं और कुल बकाया शेयर 1,000,000 हैं — यानी 10% हिस्सेदारी। अब कंपनी एक राउंड में फंड जुटाती है और 250,000 नए शेयर जारी करती है, जिससे कुल शेयर 1,250,000 हो जाते हैं। अब आपकी हिस्सेदारी हुई \(100{,}000 \div 1{,}250{,}000 = 8\%\)। यानी आप 2 प्रतिशत अंक से डाइल्यूट हुए, जो आपकी मूल हिस्सेदारी में 20% की रिलेटिव कमी है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या डाइल्यूशन से मेरे शेयरों की कीमत घट जाती है? जरूरी नहीं। अगर कंपनी ज्यादा वैल्यूएशन पर पैसा जुटाती है, तो कम प्रतिशत हिस्सेदारी की रुपये/डॉलर के हिसाब से कीमत पहले से ज्यादा भी हो सकती है।
रिलेटिव डाइल्यूशन क्या होता है? यह आपके खोए हुए प्रतिशत अंकों को आपकी मूल हिस्सेदारी से भाग देने पर निकलता है — ऊपर के उदाहरण में, \(2 / 10 = 20\%\)। यह बताता है कि आपकी शुरुआती स्थिति के मुकाबले झटका कितना बड़ा है।
क्या मुझे ऑप्शन पूल को भी जोड़ना चाहिए? हां। अगर राउंड में नए ऑप्शन या पूल बढ़ाना शामिल है, तो उन शेयरों को "नए जारी शेयर" में गिनें ताकि आपको पूरी तरह डाइल्यूटेड (fully-diluted) नतीजा मिले।