हीट पंप का COP क्या होता है?
परफॉर्मेंस गुणांक (Coefficient of Performance यानी COP) किसी हीट पंप की एफिशिएंसी मापने वाला सबसे ज़रूरी पैमाना है। यह बताता है कि बिजली की हर एक यूनिट खपत के बदले यूनिट कितनी गर्मी (हीट) देती है। अगर COP 3 है, तो इसका मतलब है कि सिर्फ़ 1 kW बिजली से पंप 3 kW गर्मी पैदा करता है — बाकी की एनर्जी बाहरी हवा, ज़मीन या पानी से मुफ़्त में खींची जाती है। यही वजह है कि हीट पंप चलाना इलेक्ट्रिक रेज़िस्टेंस या गैस हीटिंग के मुक़ाबले काफ़ी सस्ता पड़ सकता है।
इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
हीट पंप का हीट आउटपुट किलोवाट में डालें (यानी थर्मल हीटिंग क्षमता, जो अक्सर डेटा शीट पर दी होती है) और उसका बिजली इनपुट भी किलोवाट में डालें (यानी कंप्रेसर और फैन जितनी बिजली खींचते हैं)। कैलकुलेटर आउटपुट को इनपुट से भाग देकर COP बता देता है, साथ ही उसके बराबर एफिशिएंसी प्रतिशत भी। सही नतीजे के लिए दोनों आँकड़े एक ही ऑपरेटिंग कंडीशन पर नापे गए होने चाहिए।
फ़ॉर्मूला समझें
हिसाब बेहद आसान है — $$\text{COP} = \frac{\text{Heat Output (kW)}}{\text{Electrical Input (kW)}}$$ चूँकि हीट पंप गर्मी पैदा करने के बजाय उसे एक जगह से दूसरी जगह ले जाते हैं, इसलिए COP लगभग हमेशा 1 से ज़्यादा होता है — आधुनिक एयर-सोर्स यूनिट्स में आमतौर पर 2 से 5 के बीच। COP जितना ज़्यादा, चलाने का खर्च उतना कम और कार्बन उत्सर्जन भी उतना ही कम।
उदाहरण के साथ हिसाब
मान लीजिए कोई हीट पंप 3 kW बिजली खींचते हुए 9 kW गर्मी देता है। तो $$\text{COP} = 9 \div 3 = 3.0$$ यह 300% एफिशिएंसी के बराबर है — यानी खरीदी गई हर एक किलोवाट बिजली के बदले घर तक तीन किलोवाट गर्मी पहुँचती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अच्छा COP कितना माना जाता है? एयर-सोर्स हीट पंप के लिए 3 या उससे ज़्यादा COP को आम तौर पर एफिशिएंट माना जाता है; ग्राउंड-सोर्स सिस्टम 4–5 तक पहुँच सकते हैं।
क्या मौसम के साथ COP बदलता है? हाँ। जैसे-जैसे बाहर का तापमान गिरता है, COP कम होने लगता है क्योंकि तब पंप को ज़्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसीलिए सीज़न भर का औसत (SCOP) भी देखना उपयोगी रहता है।
COP और EER में क्या फ़र्क है? COP हीटिंग की एफिशिएंसी बताता है, जबकि EER (या SEER) कूलिंग की एफिशिएंसी बताता है। दोनों ही आउटपुट-बटा-इनपुट का अनुपात हैं।