अनुमापन मोलरता कैलकुलेटर क्या है?
यह टूल अम्ल–क्षार या रेडॉक्स अनुमापन (टाइट्रेशन) के डेटा से किसी एनालाइट विलयन की अज्ञात सांद्रता (मोलरता) निकालता है। तुल्यता बिंदु (इक्विवैलेंस पॉइंट) पर डाले गए टाइट्रेंट की मात्रा रासायनिक रूप से मौजूद एनालाइट के बराबर होती है, इसलिए संबंध \(M_a \cdot V_a \cdot n_a = M_b \cdot V_b \cdot n_b\) लागू होता है। यहाँ \(M_a\) और \(M_b\) क्रमशः एनालाइट और टाइट्रेंट की मोलरता हैं, \(V_a\) और \(V_b\) उनके आयतन हैं, और \(n_a\)/\(n_b\) संतुलित अभिक्रिया से प्राप्त स्टॉइकियोमेट्रिक गुणांक हैं। यह टूल सार्वभौमिक है — किसी भी देश या प्रयोगशाला की किसी भी अनुमापन प्रक्रिया पर समान रूप से काम करता है।
इसका उपयोग कैसे करें
ज्ञात टाइट्रेंट की सांद्रता (mol/L), अंतिम बिंदु (एंडपॉइंट) पर ब्यूरेट से निकाले गए टाइट्रेंट का आयतन (mL), और फ्लास्क में पिपेट किए गए एनालाइट का आयतन (mL) दर्ज करें। इसके बाद स्टॉइकियोमेट्रिक गुणांक \(n_a\) और \(n_b\) सेट करें। HCl + NaOH जैसी सरल 1:1 अभिक्रिया के लिए दोनों गुणांक 1 होते हैं। H₂SO₄ + 2NaOH के लिए अम्ल का गुणांक (\(n_a\), यदि अम्ल ही एनालाइट है) 1 और क्षार का गुणांक \(n_b\) 2 होगा।
सूत्र को समझें
चूँकि मोल = मोलरता × आयतन, तुल्यता पर \(M_a \cdot V_a \cdot n_a = M_b \cdot V_b \cdot n_b\) मिलता है। अज्ञात एनालाइट की मोलरता के लिए इसे पुनर्व्यवस्थित करने पर:
$$M_a = \dfrac{M_b \cdot V_b \cdot n_a}{V_a \cdot n_b}$$आयतन को mL में डाला जा सकता है क्योंकि इकाइयाँ आपस में कट जाती हैं — केवल \(V_b/V_a\) का अनुपात ही मायने रखता है। कैलकुलेटर डाले गए टाइट्रेंट के मोल (\(M_b \times V_b/1000\)) और तदनुसार अभिक्रिया करने वाले एनालाइट के मोल भी बताता है।
हल किया गया उदाहरण
मान लीजिए 1:1 अभिक्रिया में 0.100 mol/L NaOH के 25.0 mL, HCl के 20.0 mL को उदासीन कर देते हैं। तब
$$M_a = \frac{0.100 \times 25.0 \times 1}{20.0 \times 1} = 0.125 \text{ mol/L}$$यानी HCl विलयन की सांद्रता 0.125 M है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या आयतन लीटर में ही होना चाहिए? नहीं — जब तक \(V_a\) और \(V_b\) की इकाई एक समान है, परिणाम सही रहेगा क्योंकि इकाइयाँ आपस में कट जाती हैं।
\(n_a\) और \(n_b\) क्या हैं? ये संतुलित समीकरण से प्राप्त मोल अनुपात के गुणांक हैं। यदि किसी द्विप्रोटिक अम्ल का अनुमापन एकप्रोटिक क्षार से किया जाए, तो \(n_a=1\) और \(n_b=2\) लें।
क्या इसे रेडॉक्स अनुमापन के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं? हाँ। \(n_a\) और \(n_b\) सेट करने के लिए इलेक्ट्रॉन-स्थानांतरण की स्टॉइकियोमेट्री का उपयोग करें।