बर्न रेट और रनवे क्या होते हैं?
बर्न रेट वह रफ़्तार है जिससे कोई कंपनी मुनाफ़े तक पहुँचने या अगली फंडिंग जुटाने से पहले अपना कैश रिज़र्व खर्च करती है। रनवे बताता है कि मौजूदा खर्च की दर पर वह कैश कितने समय तक चलेगा — इसे महीनों में मापा जाता है। मिलकर ये दोनों किसी भी स्टार्टअप या शुरुआती दौर के बिज़नेस के लिए सबसे अहम सर्वाइवल मेट्रिक हैं।
ग्रॉस बर्न आपके कुल मासिक ऑपरेटिंग खर्च होते हैं। नेट बर्न में से आपकी कमाई (रेवेन्यू) घटा दी जाती है, जिससे हर महीने असल में कितना कैश निकल रहा है इसका सही आँकड़ा मिलता है। यह कैलकुलेटर किसी भी करेंसी में काम करता है — बस रकमें एक ही करेंसी में डालें।
इसका इस्तेमाल कैसे करें
तीन नंबर डालें: आपका मौजूदा कैश बैलेंस (बैंक में मौजूद कुल रकम), आपके मासिक ऑपरेटिंग खर्च (सैलरी, किराया, सॉफ़्टवेयर, मार्केटिंग वगैरह) और आपका मासिक रेवेन्यू। टूल नेट बर्न निकालता है और आपके कैश को उससे भाग देकर महीनों में आपका रनवे बता देता है। अगर रेवेन्यू खर्च के बराबर या उससे ज़्यादा है, तो आप कैश-फ़्लो पॉज़िटिव हैं और रनवे लगभग असीमित है।
फॉर्मूला समझें
रनवे (महीनों में) = कैश बैलेंस ÷ (मासिक खर्च − मासिक रेवेन्यू)। नीचे का हिस्सा (denominator) आपका नेट मासिक बर्न है। बर्न जितना कम हो या कैश जितना ज़्यादा हो, दोनों ही आपके रनवे को बढ़ा देते हैं।
$$\text{Runway} = \frac{\text{Cash Balance}}{\text{Monthly Expenses} - \text{Monthly Revenue}}$$
उदाहरण के साथ समझें
मान लीजिए आपके पास $500,000 कैश है, आप हर महीने $80,000 खर्च करते हैं और $30,000 कमाते हैं। नेट बर्न = \(80{,}000 - 30{,}000 = \$50{,}000\)। रनवे = \(500{,}000 \div 50{,}000 =\) 10 महीने। इसका मतलब यह है कि सुरक्षित रहने के लिए आपको लगभग 7–8 महीनों के अंदर फंडिंग राउंड बंद करना चाहिए या ब्रेक-ई␣न तक पहुँच जाना चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
हेल्दी रनवे कितना होता है? ज़्यादातर निवेशक फंडिंग के बाद 12–18 महीने का रनवे देखना पसंद करते हैं, ताकि अगले राउंड से पहले ज़रूरी माइलस्टोन हासिल करने का समय मिल सके।
ग्रॉस बनाम नेट बर्न — किस पर ध्यान दें? नेट बर्न आपके असल कैश की दिशा दिखाता है, लेकिन ग्रॉस बर्न पर भी नज़र रखें: रेवेन्यू कभी भी अचानक गिर सकता है।
रनवे कैसे बढ़ाएँ? ग़ैर-ज़रूरी खर्च कम करें, रेवेन्यू बढ़ाएँ या अतिरिक्त पूँजी जुटाएँ। छोटी-छोटी कटौतियाँ भी मिलकर कई अतिरिक्त महीने जोड़ देती हैं।