अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन कैलकुलेटर क्या है?
जब किसी वस्तु पर कुल ऋणात्मक आवेश होता है, तो इसका मतलब है कि उसमें प्रोटॉनों की तुलना में ज़्यादा इलेक्ट्रॉन मौजूद हैं। इन "अतिरिक्त" इलेक्ट्रॉनों की संख्या सीधे वस्तु के कुल आवेश से निकाली जा सकती है। यह कैलकुलेटर किसी आवेश के मान (कूलॉम, माइक्रोकूलॉम या नैनोकूलॉम में) को मूल आवेश नियतांक की मदद से अतिरिक्त इलेक्ट्रॉनों की संख्या में बदल देता है।
इसका उपयोग कैसे करें
कुल आवेश का परिमाण दर्ज करें और उसकी इकाई चुनें। कैलकुलेटर पहले आवेश को कूलॉम में बदलता है, फिर उसे मूल आवेश से भाग देकर इलेक्ट्रॉनों की संख्या लौटाता है। चूँकि ये संख्याएँ आमतौर पर बहुत बड़ी होती हैं, इसलिए परिणाम वैज्ञानिक संकेतन (scientific notation) में दिखाया जाता है।
सूत्र को समझें
यह संबंध है \(n = Q / e\), जहाँ Q कूलॉम में कुल आवेश है और \(e = 1.602176634 \times 10^{-19}\ \text{C}\) मूल आवेश (एक इलेक्ट्रॉन का आवेश) है। चूँकि हर अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन ठीक एक मूल आवेश जितना योगदान देता है, इसलिए कुल आवेश को e से भाग देने पर इलेक्ट्रॉनों की संख्या मिल जाती है।
$$n = \frac{\text{Charge (C)}}{1.602176634 \times 10^{-19}\ \text{C}}$$
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए किसी वस्तु पर 1 µC (\(1 \times 10^{-6}\ \text{C}\)) का आवेश है। तब $$n = \frac{1 \times 10^{-6}}{1.602176634 \times 10^{-19}} \approx 6.2415 \times 10^{12}\ \text{इलेक्ट्रॉन}$$ यानी सिर्फ़ एक माइक्रोकूलॉम का मतलब है खरबों अतिरिक्त इलेक्ट्रॉन।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
क्या यह धनात्मक आवेश के लिए भी काम करता है? यह सूत्र परिमाण देता है। धनात्मक आवेश का अर्थ है कि उतने ही इलेक्ट्रॉनों की कमी है, न कि अधिकता।
संख्या इतनी बड़ी क्यों होती है? एक इलेक्ट्रॉन का आवेश बेहद सूक्ष्म होता है, इसलिए रोज़मर्रा के छोटे आवेश भी विशाल संख्या में इलेक्ट्रॉनों को दर्शाते हैं।
e का कौन-सा मान इस्तेमाल होता है? 2019 की SI के अनुसार सटीक मान, \(e = 1.602176634 \times 10^{-19}\ \text{C}\)।