फ़्रीक्वेंसी बैंडविड्थ क्या होती है?
बैंडविड्थ किसी फ़्रीक्वेंसी बैंड की चौड़ाई होती है — यानी फ़्रीक्वेंसियों की वह रेंज जो कोई सिग्नल, चैनल या सिस्टम घेरता है। इसे निकालना बेहद आसान है: बैंड की सबसे ऊँची फ़्रीक्वेंसी में से सबसे नीची फ़्रीक्वेंसी घटा दीजिए। इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकम्युनिकेशन, ऑडियो इंजीनियरिंग और रेडियो-फ़्रीक्वेंसी (RF) डिज़ाइन में बैंडविड्थ एक बुनियादी अवधारणा है, क्योंकि यही तय करती है कि कितना डेटा भेजा जा सकता है, सिग्नल की क्वालिटी कैसी रहेगी और चैनल कैसे बाँटे जाएँगे।
इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
ऊपरी (ज़्यादा) फ़्रीक्वेंसी की सीमा और निचली फ़्रीक्वेंसी की सीमा दर्ज करें — दोनों हर्ट्ज़ (Hz) में। कैलकुलेटर आपको बैंडविड्थ, सेंटर फ़्रीक्वेंसी (दोनों सीमाओं का मध्य-बिंदु) और फ्रैक्शनल बैंडविड्थ बता देगा। फ्रैक्शनल बैंडविड्थ का मतलब है — बैंडविड्थ को सेंटर फ़्रीक्वेंसी के प्रतिशत के रूप में दिखाना, जो यह तुलना करने में काम आता है कि स्पेक्ट्रम में अपनी जगह के मुक़ाबले अलग-अलग बैंड कितने "चौड़े" हैं।
फ़ॉर्मूला समझें
मूल संबंध है $$\text{BW} = f_{\text{high}} - f_{\text{low}}$$। सेंटर फ़्रीक्वेंसी इन दोनों का औसत होती है, यानी \((f_{\text{high}} + f_{\text{low}}) / 2\), और फ्रैक्शनल बैंडविड्थ निकालने के लिए BW को सेंटर फ़्रीक्वेंसी से भाग देकर 100 से गुणा करते हैं ताकि वह प्रतिशत में आ जाए। नैरोबैंड सिग्नल की फ्रैक्शनल बैंडविड्थ कम होती है, जबकि अल्ट्रा-वाइडबैंड सिग्नल की काफ़ी ज़्यादा होती है।
हल किया हुआ उदाहरण
सुनाई देने वाली ऑडियो रेंज को लीजिए: \(f_{\text{high}} = 20{,}000 \text{ Hz}\) और \(f_{\text{low}} = 20 \text{ Hz}\)। यहाँ बैंडविड्थ होगी $$20{,}000 - 20 = 19{,}980 \text{ Hz}$$ सेंटर फ़्रीक्वेंसी होगी $$(20{,}000 + 20) / 2 = 10{,}010 \text{ Hz}$$ और फ्रैक्शनल बैंडविड्थ होगी $$19{,}980 / 10{,}010 \times 100 \approx 199.6\%$$
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुझे कौन-सी इकाई इस्तेमाल करनी चाहिए? दोनों इनपुट के लिए एक ही इकाई रखें — आमतौर पर हर्ट्ज़ (Hz), लेकिन kHz, MHz या GHz भी चलेंगे, बशर्ते दोनों मान एक ही इकाई में हों; बैंडविड्थ भी उसी इकाई में निकलेगी।
फ्रैक्शनल बैंडविड्थ किस काम आती है? यह बताती है कि कोई बैंड अपने सेंटर के मुक़ाबले कितना चौड़ा है। एंटीना और फ़िल्टर अक्सर इसी आँकड़े के आधार पर नैरोबैंड (<1%), वाइडबैंड या अल्ट्रा-वाइडबैंड (>20%) में बाँटे जाते हैं।
क्या बैंडविड्थ नेगेटिव हो सकती है? अगर आप निचली फ़्रीक्वेंसी के तौर पर ऐसा मान दर्ज कर दें जो ऊपरी से बड़ा हो, तो नतीजा नेगेटिव आएगा — बस दोनों मान आपस में बदल दीजिए ताकि \(f_{\text{high}}\) बड़ी संख्या रहे।