कैलेंडर तिमाही क्या होती है?
कैलेंडर तिमाही 12 महीनों के साल को तीन-तीन महीनों के चार बराबर हिस्सों में बाँट देती है। मानक कैलेंडर तिमाहियाँ हैं — Q1 (जनवरी–मार्च), Q2 (अप्रैल–जून), Q3 (जुलाई–सितंबर) और Q4 (अक्टूबर–दिसंबर)। कारोबारी, अकाउंटेंट और विश्लेषक वित्तीय रिपोर्टिंग, बिक्री लक्ष्य और प्लानिंग अवधि को समूह में बाँटने के लिए तिमाहियों का इस्तेमाल करते हैं। यह कैलकुलेटर आपको ठीक-ठीक बता देता है कि कोई भी महीना किस तिमाही में आता है, साथ ही उस तिमाही का पहला और आखिरी महीना भी।
इसका इस्तेमाल कैसे करें
ड्रॉपडाउन से कोई महीना चुनिए और कैलकुलेटर तुरंत आपको तिमाही नंबर (Q1 से Q4) के साथ-साथ उस तिमाही में आने वाले महीनों की रेंज दिखा देगा। यह साल के किसी भी महीने के लिए काम करता है और तिमाही समीक्षाओं, अनुमानित कर अवधियों या वित्तीय पड़ावों की योजना बनाते समय बहुत काम आता है।
फॉर्मूला आसान भाषा में
तिमाही एक सरल पूर्णांक फॉर्मूले से निकाली जाती है: $$\text{तिमाही} = \left\lfloor \frac{\text{महीना} - 1}{3} \right\rfloor + 1$$। 1 घटाने से महीना शून्य-आधारित हो जाता है (जनवरी 0 बन जाता है)। 3 से भाग देकर floor लगाने से हर तीन महीने एक साथ समूह में आ जाते हैं, और 1 जोड़ने से नतीजा वापस जाने-पहचाने 1–4 के दायरे में आ जाता है।
हल किया हुआ उदाहरण
अगस्त को लीजिए, जो 8वाँ महीना है। हिसाब लगाइए $$(8 - 1) / 3 = 7 / 3 = 2.33,$$ और \(\lfloor 2.33 \rfloor = 2\)। इसमें 1 जोड़ने पर तिमाही 3 आती है। यानी अगस्त Q3 में आता है — वह तिमाही जो जुलाई से सितंबर तक फैली है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
ये कैलेंडर तिमाहियाँ हैं या वित्तीय (फिस्कल) तिमाहियाँ? यह टूल जनवरी से शुरू होने वाली मानक कैलेंडर तिमाहियों का इस्तेमाल करता है। ध्यान दें कि भारत में वित्तीय वर्ष अप्रैल से मार्च तक चलता है, इसलिए कंपनियों की फिस्कल तिमाहियाँ अलग महीने से शुरू हो सकती हैं।
किस तिमाही में कौन से महीने आते हैं? Q1 = जनवरी–मार्च, Q2 = अप्रैल–जून, Q3 = जुलाई–सितंबर, Q4 = अक्टूबर–दिसंबर।
फॉर्मूले में floor का इस्तेमाल क्यों होता है? floor संख्या को नीचे की ओर नज़दीकी पूर्णांक तक राउंड कर देता है, जिससे लगातार तीन महीने आसानी से एक ही तिमाही में समूहित हो जाते हैं।