बीयर-लैम्बर्ट नियम क्या है?
बीयर-लैम्बर्ट नियम किसी विलयन द्वारा प्रकाश के अवशोषण को उसमें मौजूद अवशोषक पदार्थ की सांद्रता से जोड़ता है। इसके अनुसार अवशोषकता (\(A\)) तीन चीज़ों के सीधे अनुपात में होती है — मोलर अवशोषकता (\(\varepsilon\)), विलयन की सांद्रता (\(c\)), और नमूने में से होकर गुज़रने वाले प्रकाश के पथ की लंबाई (\(l\))। यह कैलकुलेटर इन्हीं तीन मानों से \(A\) की गणना करता है और साथ ही संगत प्रतिशत पारगम्यता (transmittance) भी बताता है।
इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
मोलर अवशोषकता \(\varepsilon\) को M⁻¹·cm⁻¹ इकाई में डालें (यह किसी निश्चित तरंगदैर्ध्य पर पदार्थ का गुण होता है), सांद्रता \(c\) को mol/L में, और पथ लंबाई \(l\) को cm में (मानक क्यूवेट 1 cm का होता है)। कैलकुलेटर इन तीनों मानों को गुणा करके इकाई-रहित अवशोषकता निकालता है और फिर \(\%T = 100 \times 10^{-A}\) सूत्र से उसे प्रतिशत पारगम्यता में बदल देता है।
सूत्र की व्याख्या
$$A = \varepsilon \cdot c \cdot l$$ अवशोषकता का कोई मात्रक नहीं होता, क्योंकि \(\varepsilon\) (L·mol⁻¹·cm⁻¹), \(c\) (mol·L⁻¹) और \(l\) (cm) की इकाइयाँ आपस में कट जाती हैं। अधिक सांद्रता, लंबी पथ लंबाई, या अधिक प्रबलता से प्रकाश सोखने वाला यौगिक — ये सभी अवशोषकता को बढ़ा देते हैं। अवशोषकता और पारगम्यता का संबंध लघुगणकीय (logarithmic) होता है: $$A = -\log_{10}(T)$$
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए किसी यौगिक का \(\varepsilon = 10{,}000\) M⁻¹·cm⁻¹ है, सांद्रता 0.0001 mol/L है, और 1 cm का क्यूवेट इस्तेमाल हो रहा है। तब $$A = 10{,}000 \times 0.0001 \times 1 = 1.0$$ प्रतिशत पारगम्यता होगी \(100 \times 10^{-1} = 10\%\), यानी प्रकाश का केवल 10% हिस्सा ही नमूने से होकर पार जाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अवशोषकता हमेशा सांद्रता के साथ रैखिक (linear) रहती है? यह नियम कम से मध्यम सांद्रता तक सही बैठता है। अधिक सांद्रता पर विलेय कणों की आपसी क्रिया और अपवर्तनांक (refractive index) में बदलाव के कारण विचलन आने लगता है।
सामान्य पथ लंबाई कितनी होती है? अधिकांश स्पेक्ट्रोफोटोमीटर क्यूवेट की पथ लंबाई 1 cm होती है, इसीलिए जल्दी गणना में इसे अक्सर छोड़ दिया जाता है।
2 की अवशोषकता का क्या मतलब है? 2 अवशोषकता का अर्थ है कि प्रकाश का केवल 1% ही पार होता है (\(10^{-2} = 0.01\)), जो बहुत प्रबल अवशोषक या अत्यधिक सांद्र नमूने का संकेत है।