कॉस्ट पर हायर क्या है?
कॉस्ट पर हायर (CPH) यानी प्रति भर्ती लागत एक अहम रिक्रूटिंग मेट्रिक है, जो यह मापती है कि किसी एक खाली पद को भरने के लिए आपकी कंपनी औसतन कितना खर्च करती है। इसे निकालने के लिए एक तय अवधि में हुई सभी आंतरिक और बाहरी भर्ती लागतों को जोड़ा जाता है और फिर उसी अवधि में हुई भर्तियों की संख्या से भाग दिया जाता है। यह मेट्रिक SHRM/ANSI मानक के अनुसार परिभाषित है और दुनिया भर की HR तथा टैलेंट एक्विज़िशन टीमें भर्ती की कार्यक्षमता को आँकने और बजट बनाने के लिए इसका व्यापक रूप से इस्तेमाल करती हैं।
इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कैसे करें
अपनी कुल आंतरिक लागत (रिक्रूटर की सैलरी, रेफरल बोनस, सोर्सिंग टूल, इन-हाउस समय), कुल बाहरी लागत (जॉब बोर्ड फीस, एजेंसी कमीशन, विज्ञापन, बैकग्राउंड चेक, यात्रा) और उसी अवधि में हुई भर्तियों की संख्या दर्ज करें। कैलकुलेटर तुरंत आपकी औसत प्रति भर्ती लागत के साथ-साथ कुल रिक्रूटिंग खर्च भी दिखा देगा।
फ़ॉर्मूला समझें
गणित बेहद सरल है:
$$\text{Cost Per Hire} = \frac{\text{Internal Costs} + \text{External Costs}}{\text{Number of Hires}}$$आंतरिक लागत वे खर्च होते हैं जो आपके अपने स्टाफ और सिस्टम से जुड़े होते हैं, जबकि बाहरी लागत बाहरी वेंडरों को चुकाई जाती है। दोनों को जोड़कर भर्तियों की संख्या से भाग देने पर एक ऐसी तुलना-योग्य संख्या मिलती है जिसे आसानी से बेंचमार्क किया जा सकता है।
उदाहरण के साथ समझें
मान लीजिए आपकी टीम ने आंतरिक लागत में $30,000 और बाहरी लागत में $20,000 खर्च किए और कुल 10 भर्तियाँ कीं। तो कुल लागत हुई $50,000। इसे 10 भर्तियों से भाग देने पर आपकी प्रति भर्ती लागत बनती है $5,000।
$$\text{Cost Per Hire} = \frac{\$30{,}000 + \$20{,}000}{10} = \frac{\$50{,}000}{10} = \$5{,}000$$अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आंतरिक लागत में क्या-क्या गिना जाता है? रिक्रूटर और हायरिंग मैनेजर का समय, कर्मचारी रेफरल का भुगतान, एप्लिकेंट ट्रैकिंग सॉफ़्टवेयर, और भर्ती से जुड़ा कोई भी इन-हाउस ओवरहेड।
अच्छी कॉस्ट पर हायर कितनी मानी जाती है? यह इंडस्ट्री और पद की वरिष्ठता के हिसाब से बदलती रहती है, लेकिन कई संगठनों में यह औसतन $4,000–$5,000 प्रति भर्ती के आसपास रहती है। किसी एक तय लक्ष्य के बजाय इसकी तुलना अपनी इंडस्ट्री के बेंचमार्क से करें। ध्यान रहे, ये आँकड़े मुख्यतः US/वैश्विक संदर्भ के हैं—भारत में लागत स्थानीय वेतन और बाज़ार के हिसाब से अलग हो सकती है।
कॉस्ट पर हायर को ट्रैक क्यों करें? इससे आपको अपने रिक्रूटिंग बजट को सही ठहराने, महँगे चैनलों की पहचान करने और समय के साथ प्रक्रिया में किए गए सुधारों के ROI को मापने में मदद मिलती है।