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सूत्र (फॉर्मूला)

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परिणाम

माँग की प्रति-मूल्य लोच
1
Substitutes
A की मात्रा में % बदलाव 20%
B की कीमत में % बदलाव 20%

माँग की प्रति-मूल्य लोच क्या है?

माँग की प्रति-मूल्य लोच (Cross Price Elasticity of Demand, CPED) यह मापती है कि एक वस्तु (वस्तु A) की माँगी गई मात्रा, किसी दूसरी वस्तु (वस्तु B) की कीमत में बदलाव पर कितनी प्रतिक्रिया देती है। यह सूक्ष्म-अर्थशास्त्र (microeconomics) की एक बुनियादी अवधारणा है, जिसका उपयोग दो उत्पादों के बीच के रिश्ते को समझने के लिए किया जाता है — यानी वे एक-दूसरे के प्रतिस्थापन (substitutes) हैं, पूरक (complements) हैं, या आपस में बिल्कुल असंबंधित हैं।

संख्या रेखा जो क्रॉस प्राइस इलास्टिसिटी के चिह्न को दर्शाती है, स्थानापन्न बनाम पूरक का संकेत
धनात्मक CPED स्थानापन्न वस्तुओं को दर्शाता है, जबकि ऋणात्मक मान पूरक वस्तुओं को दर्शाता है।

इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें

वस्तु A की शुरुआती और नई माँगी गई मात्रा दर्ज करें, फिर वस्तु B की शुरुआती और नई कीमत डालें। कैलकुलेटर हर जोड़ी को प्रतिशत बदलाव में बदलता है और दोनों को आपस में भाग देकर लोच गुणांक (elasticity coefficient) निकालता है। साथ ही यह दोनों वस्तुओं के रिश्ते का वर्गीकरण भी अपने-आप कर देता है।

सूत्र की व्याख्या

सूत्र है:

$$E_{AB} = \dfrac{\dfrac{\text{New Qty A} - \text{Initial Qty A}}{\text{Initial Qty A}} \times 100}{\dfrac{\text{New Price B} - \text{Initial Price B}}{\text{Initial Price B}} \times 100}$$

यानी CPED = (A की मात्रा में % बदलाव) / (B की कीमत में % बदलाव)। एक धनात्मक (positive) मान बताता है कि वस्तुएँ प्रतिस्थापन (substitutes) हैं (जैसे चाय और कॉफ़ी) — जब B महँगी होती है, तो लोग A ज़्यादा खरीदते हैं। एक ऋणात्मक (negative) मान बताता है कि वस्तुएँ पूरक (complements) हैं (जैसे प्रिंटर और स्याही) — जब B महँगी होती है, तो लोग A कम खरीदते हैं। और जो मान शून्य के आस-पास हो, उसका मतलब है कि वस्तुएँ आपस में असंबंधित हैं।

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क्रॉस प्राइस इलास्टिसिटी सूत्र का आरेख: A की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन बटा B की कीमत में प्रतिशत परिवर्तन
CPED वस्तु A की मात्रा में प्रतिशत परिवर्तन को वस्तु B की कीमत में प्रतिशत परिवर्तन से भाग देता है।

हल किया गया उदाहरण

मान लीजिए वस्तु A की मात्रा 100 से बढ़कर 120 यूनिट हो जाती है, जबकि वस्तु B की कीमत $10 से बढ़कर $12 हो जाती है। मात्रा में बदलाव \(= (120-100)/100 = +20\%\)। कीमत में बदलाव \(= (12-10)/10 = +20\%\)। तो

$$E_{AB} = \dfrac{20\%}{20\%} = 1.0$$

जिससे पता चलता है कि ये वस्तुएँ प्रतिस्थापन (substitutes) हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

CPED का 0 होना क्या दर्शाता है? दोनों वस्तुएँ स्वतंत्र (independent) हैं — B की कीमत में बदलाव का A की माँग पर कोई असर नहीं पड़ता।

क्या अधिक धनात्मक मान का मतलब मज़बूत प्रतिस्थापन होता है? हाँ। धनात्मक गुणांक जितना बड़ा होगा, वस्तुएँ एक-दूसरे की उतनी ही प्रबल प्रतिस्थापन मानी जाएँगी।

मेरा परिणाम ऋणात्मक क्यों आ रहा है? ऋणात्मक गुणांक पूरक (complementary) वस्तुओं की ओर इशारा करता है, जिन्हें आम तौर पर साथ-साथ इस्तेमाल किया जाता है।

अंतिम अपडेट: