पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर क्या होती है?
पूर्णतः अप्रत्यास्थ टक्कर वह होती है जिसमें दो वस्तुएँ आपस में टकराने के बाद एक ही संयुक्त द्रव्यमान बनकर साथ-साथ चलती हैं। ऐसी टक्कर में संवेग (momentum) हमेशा संरक्षित रहता है, लेकिन गतिज ऊर्जा नहीं — इसका कुछ हिस्सा ऊष्मा, ध्वनि और वस्तुओं के स्थायी विरूपण में बदल जाता है। यह कैलकुलेटर जुड़ी हुई वस्तुओं का अंतिम साझा वेग, कुल संवेग और टक्कर के दौरान खोई गई गतिज ऊर्जा की गणना करता है।
इसका उपयोग कैसे करें
हर वस्तु का द्रव्यमान और वेग दर्ज करें। एक दिशा में चलने वाली वस्तुओं के लिए धनात्मक (positive) वेग और विपरीत दिशा के लिए ऋणात्मक (negative) मान का प्रयोग करें। कैलकुलेटर आपको साझा अंतिम वेग, संरक्षित कुल संवेग, प्रारंभिक व अंतिम गतिज ऊर्जा और कितनी गतिज ऊर्जा नष्ट हुई — ये सभी परिणाम बता देगा।
सूत्र की व्याख्या
संवेग संरक्षण के नियम के अनुसार, टक्कर से पहले का कुल संवेग टक्कर के बाद के कुल संवेग के बराबर होता है: \(m_1 v_1 + m_2 v_2 = (m_1 + m_2)v'\)। साझा वेग के लिए हल करने पर हमें मिलता है $$v' = \frac{m_1 v_1 + m_2 v_2}{m_1 + m_2}$$ खोई गई गतिज ऊर्जा, प्रारंभिक गतिज ऊर्जाओं के योग और \(v'\) वेग से चल रहे संयुक्त द्रव्यमान की गतिज ऊर्जा के बीच का अंतर होती है।
हल किया गया उदाहरण
3 m/s से चल रही 2 kg की एक ट्रॉली, एक स्थिर 1 kg की ट्रॉली (\(v_2 = 0\)) से टकराती है और दोनों आपस में जुड़ जाती हैं। अंतिम वेग होगा $$v' = \frac{2\cdot 3 + 1\cdot 0}{2 + 1} = \frac{6}{3} = 2\ \text{m/s}$$ प्रारंभिक गतिज ऊर्जा \(= \tfrac{1}{2}\cdot 2\cdot 3^{2} = 9\ \text{J}\); अंतिम गतिज ऊर्जा \(= \tfrac{1}{2}\cdot 3\cdot 2^{2} = 6\ \text{J}\), अर्थात् टक्कर में 3 J गतिज ऊर्जा नष्ट हो गई।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
क्या संवेग हमेशा संरक्षित रहता है? हाँ — किसी भी ऐसी टक्कर में जहाँ कोई बाहरी बल नहीं लग रहा हो, कुल संवेग संरक्षित रहता है, भले ही गतिज ऊर्जा संरक्षित न रहे।
गतिज ऊर्जा क्यों नष्ट होती है? अप्रत्यास्थ टक्कर में ऊर्जा वस्तुओं के विरूपण, ऊष्मा उत्पन्न करने और ध्वनि पैदा करने में चली जाती है, इसलिए अंतिम गतिज ऊर्जा प्रारंभिक की तुलना में कम होती है।
यदि वस्तुएँ विपरीत दिशाओं में चल रही हों तो? किसी एक वेग को ऋणात्मक मान के रूप में दर्ज करें। संवेगों का चिह्न-सहित योग ही अंतिम वेग का परिमाण और दिशा दोनों तय करता है।