TDS ब्याज कैलकुलेटर क्या है?
यह कैलकुलेटर भारत के आयकर अधिनियम (Income Tax Act) के अनुसार बनाया गया है। जब स्रोत पर कर कटौती (TDS) देर से काटी या जमा की जाती है, तो उस पर ब्याज देना पड़ता है। सामान्य दरें इस प्रकार हैं — TDS की देरी से कटौती पर 1% प्रति माह, और देरी से भुगतान/जमा पर 1.5% प्रति माह। इस टूल में आप TDS राशि, लागू मासिक दर और देरी के महीनों की संख्या भरकर तुरंत ब्याज और कुल देय राशि देख सकते हैं।
इसका उपयोग कैसे करें
TDS राशि रुपयों में दर्ज करें, मासिक ब्याज दर चुनें (आमतौर पर 1% या 1.5%) और देरी के महीनों की संख्या भरें। ध्यान रखें कि भारतीय कर नियमों के अनुसार महीने का एक हिस्सा भी पूरा महीना ही गिना जाता है। कैलकुलेटर आपको ब्याज और कुल राशि (TDS + ब्याज) बता देगा, जो आपको जमा करनी है।
फ़ॉर्मूला समझें
यह ब्याज साधारण (बिना चक्रवृद्धि वाला) होता है और महीने-दर-महीने गिना जाता है:
$$\text{ब्याज} = \text{TDS राशि} \times \frac{\text{दर}}{100} \times \text{महीनों की संख्या}$$यहाँ दर प्रति माह प्रतिशत के रूप में होती है। उदाहरण के लिए, 1.5% मासिक दर पर 3 महीने का मतलब है TDS राशि का कुल 4.5% ब्याज के रूप में लगना।
हल किया गया उदाहरण
मान लीजिए ₹10,000 का TDS 3 महीने की देरी से 1.5% प्रति माह की दर पर जमा किया गया। ब्याज $$= 10{,}000 \times \frac{1.5}{100} \times 3 = 10{,}000 \times 0.015 \times 3 = ₹450$$ कुल देय राशि होगी \(₹10{,}000 + ₹450 = ₹10{,}450\)।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
मुझे कौन-सी दर इस्तेमाल करनी चाहिए? TDS काटने में देरी के लिए 1% प्रति माह और काटे गए TDS को जमा करने में देरी के लिए 1.5% प्रति माह की दर लगाएँ।
क्या आधा महीना भी पूरा गिना जाता है? हाँ। धारा 201(1A) के तहत महीने का कोई भी हिस्सा पूरा महीना माना जाता है, इसलिए अपनी देरी को ऊपर की ओर पूर्णांकित (round up) करें।
क्या इस पर चक्रवृद्धि ब्याज लगता है? नहीं। TDS पर साधारण ब्याज लगता है, जो हर महीने के लिए मूल TDS राशि पर ही गिना जाता है।