लॉस रेशियो क्या है?
लॉस रेशियो (हानि अनुपात) बीमा का एक अहम मापदंड है, जो बताता है कि कमाए गए प्रीमियम का कितना हिस्सा बीमा कंपनी दावों (इन्करड लॉस) के रूप में चुकाती है। दूसरे शब्दों में, इकट्ठा किए गए हर एक डॉलर प्रीमियम में से कितना हिस्सा नुकसान भरने में गया। आमतौर पर कम लॉस रेशियो का मतलब बेहतर अंडरराइटिंग मुनाफ़ा होता है, जबकि 100% से ऊपर का अनुपात यह दर्शाता है कि दावे प्रीमियम से ज़्यादा रहे।
इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
उस अवधि के लिए कुल इन्करड लॉस (चुकाए गए दावे, साथ ही रिज़र्व और एडजस्टमेंट खर्च) और अर्जित प्रीमियम दर्ज करें। कैलकुलेटर तुरंत लॉस रेशियो को प्रतिशत के रूप में दिखा देगा। दोनों आंकड़ों के लिए एक ही समय-अवधि और एक ही मुद्रा का उपयोग करें ताकि नतीजा सही रहे।
फ़ॉर्मूला समझें
फ़ॉर्मूला बेहद सरल है:
$$\text{लॉस रेशियो} = \frac{\text{इन्करड लॉस}}{\text{अर्जित प्रीमियम}} \times 100\%$$
इन्करड लॉस में चुकाए गए दावों के साथ-साथ लॉस रिज़र्व में हुए बदलाव भी शामिल होते हैं। अर्जित प्रीमियम वह हिस्सा है जो उस अवधि के दौरान दी गई कवरेज से मेल खाता है।
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए किसी बीमा कंपनी ने $65,000 इन्करड लॉस के रूप में चुकाए और $100,000 का प्रीमियम कमाया। तो लॉस रेशियो होगा:
$$\left(\frac{65{,}000}{100{,}000}\right) \times 100\% = \textbf{65\%}$$
इसका मतलब है कि प्रीमियम के हर डॉलर में से 65 सेंट दावों में चले गए और 35 सेंट खर्च तथा मुनाफ़े के लिए बचे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अच्छा लॉस रेशियो कितना होता है? यह बीमा के प्रकार के अनुसार बदलता रहता है, लेकिन कई बीमा कंपनियाँ 40% से 60% के बीच लॉस रेशियो का लक्ष्य रखती हैं, ताकि खर्च और मुनाफ़े के लिए पर्याप्त गुंजाइश बची रहे।
100% से ज़्यादा लॉस रेशियो का क्या मतलब है? इसका मतलब है कि बीमा कंपनी ने उस अवधि में जितना प्रीमियम इकट्ठा किया, उससे ज़्यादा दावों में चुका दिया — यानी अंडरराइटिंग में घाटा।
लॉस रेशियो और कंबाइंड रेशियो में क्या फ़र्क है? कंबाइंड रेशियो में लॉस रेशियो के साथ एक्सपेंस रेशियो भी जोड़ा जाता है, जिससे अंडरराइटिंग मुनाफ़े की पूरी तस्वीर सामने आती है।