यह कैलकुलेटर क्या करता है
यह टूल किसी गोल पाइप के अंदर पानी का औसत वेग निकालता है, जब आपको प्रति मिनट गैलन (GPM) में प्रवाह दर और इंच में पाइप का आंतरिक व्यास मालूम हो। वेग फीट प्रति सेकंड (ft/s) में दिखाया जाता है — यही वह मानक इकाई है जिसका इस्तेमाल प्लंबिंग, सिंचाई और HVAC पाइप साइज़िंग में होता है। ध्यान दें कि GPM और ft/s अमेरिकी (US customary) इकाइयाँ हैं; भारत में आमतौर पर लीटर प्रति मिनट (LPM) और मीटर प्रति सेकंड (m/s) चलते हैं, इसलिए विदेशी मानकों या आयातित उपकरणों के साथ काम करते समय यह टूल खास तौर पर उपयोगी है।
इसका इस्तेमाल कैसे करें
GPM में प्रवाह दर और इंच में पाइप का आंतरिक (nominal नहीं) व्यास भरें, फिर परिणाम में वेग देखें। हमेशा असली आंतरिक व्यास का इस्तेमाल करें, क्योंकि दीवार की मोटाई प्रवाह क्षेत्र को कम कर देती है। एक आम डिज़ाइन लक्ष्य यह है कि शोर, घिसाव (erosion) और वॉटर हैमर से बचने के लिए वेग को लगभग 5–8 ft/s से नीचे रखा जाए।
फ़ॉर्मूला समझें
यह संबंध \(v = Q / A\) से आता है। गोल पाइप का प्रवाह क्षेत्र \(A = \pi D^2/4\) होता है। GPM को क्यूबिक फीट प्रति सेकंड में और इंच को फीट में बदलने पर सारे स्थिरांक मिलकर एक ही गुणांक बन जाते हैं:
$$v \,(\text{ft/s}) = 0.4085 \times \frac{\text{GPM}}{D^2}$$ जहाँ \(D\) इंच में आंतरिक व्यास है। चूँकि क्षेत्र व्यास के वर्ग के अनुपात में बढ़ता है, इसलिए समान प्रवाह पर व्यास दोगुना करने से वेग एक-चौथाई रह जाता है।
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए आप 1 इंच आंतरिक व्यास वाले पाइप में से 10 GPM पानी बहाते हैं। तब $$v = 0.4085 \times \frac{10}{1^2} = 4.085 \ \text{ft/s}$$ अगर व्यास इसके बजाय 2 इंच होता, तो $$v = 0.4085 \times \frac{10}{4} = 1.02 \ \text{ft/s}$$
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
nominal व्यास इस्तेमाल करूँ या असली व्यास? असली आंतरिक व्यास का ही इस्तेमाल करें। nominal पाइप साइज़ (जैसे "1 इंच") अक्सर सामग्री और schedule के हिसाब से असली बोर से अलग होते हैं।
कितना वेग बहुत ज़्यादा माना जाता है? कई मानक सुझाव देते हैं कि घिसाव और शोर कम करने के लिए ठंडे पानी का वेग 5–8 ft/s से नीचे और गर्म पानी का इससे भी कम रखा जाए।
क्या इसमें घर्षण हानि (friction loss) शामिल है? नहीं। यह सिर्फ़ वेग बताता है; घर्षण (हेड) हानि के लिए Hazen-Williams या Darcy-Weisbach समीकरण की ज़रूरत पड़ती है।