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सूत्र (फॉर्मूला)

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परिणाम

आवेग
50
N·s (न्यूटन-सेकंड)
बल 10 N
समय 5 s
सूत्र J = F × t

इम्पल्स (आवेग) क्या है?

इम्पल्स यानी आवेग किसी बल के एक निश्चित समय तक लगने के कुल प्रभाव को मापता है। भौतिकी में इसे औसत बल और उस समय-अंतराल के गुणनफल के रूप में परिभाषित किया जाता है, जिस दौरान वह बल लगता है। आवेग एक सदिश राशि (vector quantity) है और इसे न्यूटन-सेकंड (N·s) में मापा जाता है, जो किलोग्राम-मीटर प्रति सेकंड (kg·m/s) के बराबर होता है — यानी संवेग (momentum) जैसी ही इकाई।

गेंद पर थोड़े समय के लिए लगाया गया बल उसकी गति बदलते हुए
आवेग किसी समय अंतराल पर लगने वाले बल का प्रभाव है, जो वस्तु के संवेग को बदल देता है।

इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें

औसत बल को न्यूटन (N) में और जिस अवधि तक बल लगता है उस समय को सेकंड (s) में दर्ज करें। कैलकुलेटर इन दोनों मानों को गुणा करके आवेग बता देता है। यह टक्करों, किक, झटकों, रॉकेट के थ्रस्ट और ऐसी हर स्थिति का विश्लेषण करने में काम आता है जहाँ कोई बल मापने योग्य अवधि तक लगता है।

सूत्र की व्याख्या

मूल समीकरण है $$J = F \times t$$ जहाँ J आवेग है, F औसत बल है और t समय-अंतराल है। आवेग-संवेग प्रमेय (impulse-momentum theorem) के अनुसार, आवेग किसी वस्तु के संवेग में आए परिवर्तन के भी बराबर होता है: $$J = \Delta p = m \cdot \Delta v$$ इसका मतलब यह है कि ज्ञात आवेग से पता चल जाता है कि किसी दिए गए द्रव्यमान के लिए वस्तु के वेग में कितना बदलाव आएगा।

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बल बनाम समय ग्राफ जिसमें छायांकित आयताकार क्षेत्र आवेग को दर्शाता है
स्थिर बल–समय ग्राफ में, आवेग छायांकित आयताकार क्षेत्रफल (\(F \times t\)) के बराबर होता है।

हल किया गया उदाहरण

मान लीजिए कि किसी गेंद पर 0.02 सेकंड के संपर्क समय में 150 N का औसत बल लगाया जाता है। तब आवेग होगा $$J = 150 \times 0.02 = 3 \ \text{N}\cdot\text{s}$$ यदि गेंद का द्रव्यमान 0.5 kg है और वह विराम अवस्था से शुरू होती है, तो उसके वेग में आने वाला बदलाव होगा $$\Delta v = \frac{J}{m} = \frac{3}{0.5} = 6 \ \text{m/s}$$

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

आवेग की इकाई क्या होती है? न्यूटन-सेकंड (N·s), जो kg·m/s के बराबर होती है।

क्या बल या समय ऋणात्मक हो सकते हैं? बल ऋणात्मक हो सकता है, जो दिशा दर्शाता है; समय से गुणा करने पर चिह्न (sign) बना रहता है, जिससे दिशायुक्त आवेग मिलता है।

आवेग का संवेग से क्या संबंध है? आवेग संवेग में आए परिवर्तन के बराबर होता है, इसलिए समान द्रव्यमान के लिए जितना बड़ा आवेग होगा, वेग में उतना ही बड़ा बदलाव आएगा।

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