कर्मचारी टर्नओवर दर क्या है?
कर्मचारी टर्नओवर दर बताती है कि किसी तय अवधि — एक महीने, तिमाही या साल — के दौरान आपके कुल कर्मचारियों में से कितने प्रतिशत लोग संगठन छोड़कर चले गए। यह HR के सबसे अहम मेट्रिक्स में से एक है, क्योंकि ज़्यादा टर्नओवर इस बात का संकेत देता है कि कर्मचारियों के जुड़ाव (engagement), वेतन, प्रबंधन या कंपनी की संस्कृति में कहीं न कहीं समस्या है। साथ ही, इसका सीधा असर भर्ती लागत और घटती उत्पादकता पर भी पड़ता है।
इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
बस तीन आंकड़े भरें: कितने कर्मचारी कंपनी छोड़कर गए (separations), अवधि की शुरुआत में कुल कर्मचारी संख्या, और अवधि के अंत में कुल कर्मचारी संख्या। कैलकुलेटर खुद-ब-खुद औसत कर्मचारी संख्या, प्रतिशत में टर्नओवर दर, और उसी से जुड़ी रिटेंशन दर निकाल देगा।
फॉर्मूला आसान शब्दों में
टर्नओवर दर निकालने के लिए जाने वाले कर्मचारियों की संख्या को औसत कर्मचारी संख्या से भाग दिया जाता है और फिर 100 से गुणा किया जाता है। औसत हेडकाउंट निकालना बहुत आसान है — शुरुआत की संख्या और अंत की संख्या को जोड़कर दो से भाग दे दें। इससे अवधि के दौरान हुई बढ़त या कमी का असर संतुलित हो जाता है। रिटेंशन दर निकालने के लिए 100% में से टर्नओवर दर घटा दें।
$$\text{Turnover Rate} = \frac{\text{Employees Who Left}}{\dfrac{\text{Start} + \text{End}}{2}} \times 100\%$$
उदाहरण से समझें
मान लीजिए 15 कर्मचारियों ने नौकरी छोड़ी, अवधि की शुरुआत में आपके पास 100 कर्मचारी थे और अंत में 120 हो गए। तो औसत = \((100 + 120) / 2 = 110\) कर्मचारी। टर्नओवर दर = \((15 / 110) \times 100 = 13.64\%\)। और रिटेंशन दर = \(100 - 13.64 = 86.36\%\)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
क्या स्वैच्छिक (voluntary) और अनिवार्य (involuntary) — दोनों तरह के इस्तीफ़े गिनने चाहिए? कुल टर्नओवर निकालते समय सभी प्रकार के separations को शामिल करें। हालांकि कई टीमें स्वैच्छिक टर्नओवर को अलग से भी ट्रैक करती हैं, ताकि यह पता चले कि कितने लोग अपनी मर्ज़ी से जा रहे हैं।
अच्छी टर्नओवर दर कितनी मानी जाती है? यह हर इंडस्ट्री में अलग-अलग होती है, लेकिन आमतौर पर कम दर बेहतर रिटेंशन की निशानी होती है। किसी एक सार्वभौमिक आंकड़े के बजाय अपने सेक्टर के बेंचमार्क से तुलना करना सबसे सही रहता है।
शुरुआती संख्या की जगह औसत हेडकाउंट क्यों इस्तेमाल करें? शुरुआत और अंत की संख्या का औसत लेने से अवधि के दौरान हुई भर्ती या छंटनी का हिसाब भी जुड़ जाता है, जिससे भाजक (denominator) ज़्यादा सटीक मिलता है।