मासिक ब्याज कमाई कैलकुलेटर क्या है?
यह कैलकुलेटर बताता है कि किसी सेविंग्स अकाउंट, मनी मार्केट या किसी भी ब्याज देने वाली राशि पर एक महीने में कितना ब्याज मिलता है। बस अपना मौजूदा बैलेंस और अकाउंट की सालाना ब्याज दर (APY) डालें — कैलकुलेटर तुरंत सालाना दर को साल के बारह महीनों में बाँटकर आपकी मासिक कमाई का अनुमान लगा देता है। ध्यान रहे, यह टूल अमेरिकी डॉलर ($) में बनाया गया है; भारत में सेविंग्स अकाउंट और FD पर ब्याज की दरें व नियम अलग होते हैं, पर गणना का तरीका वही रहता है।
इसे कैसे इस्तेमाल करें
सबसे पहले अपने अकाउंट का मौजूदा बैलेंस डॉलर में डालें। फिर अपने बैंक की बताई गई सालाना ब्याज दर प्रतिशत में लिखें — जैसे 4.5% दर के लिए सिर्फ़ 4.5 टाइप करें। नतीजे में आपको उस बैलेंस पर एक महीने में मिलने वाला साधारण ब्याज मिलेगा, साथ ही तुलना के लिए पूरे साल का अनुमानित ब्याज भी दिखेगा।
फ़ॉर्मूला समझें
इसका मूल फ़ॉर्मूला बहुत सीधा है:
$$\text{मासिक ब्याज} = \text{बैलेंस} \times \frac{\text{सालाना दर}}{12}$$पहले सालाना प्रतिशत दर को दशमलव में बदला जाता है (100 से भाग देकर), फिर उसे बारह बराबर मासिक हिस्सों में बाँट दिया जाता है। यह साधारण ब्याज (simple interest) का अनुमान है और मानकर चलता है कि उस महीने बैलेंस एक जैसा रहता है; इसमें महीने-दर-महीने चक्रवृद्धि (compounding) नहीं जुड़ती।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपके अकाउंट में $10,000 का बैलेंस है और उस पर सालाना 4.5% ब्याज मिलता है। दर को बदलें: \(4.5 \div 100 = 0.045\)। फिर 12 से भाग दें ताकि मासिक दर मिले: \(0.045 \div 12 = 0.00375\)। अब इसे बैलेंस से गुणा करें:
$$\$10{,}000 \times 0.00375 = \mathbf{\$37.50}$$यानी उस महीने की कमाई। पूरे साल में आप लगभग \(\$10{,}000 \times 0.045 = \$450\) ब्याज कमाएँगे।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या इसमें चक्रवृद्धि (compounding) शामिल है? नहीं — यह एक साधारण मासिक अनुमान है। जो अकाउंट हर महीने ब्याज को मूलधन में जोड़ते हैं, वे समय के साथ थोड़ा ज़्यादा कमाते हैं क्योंकि कमाया गया ब्याज बैलेंस में जुड़ता जाता है।
मुझे APY डालना चाहिए या APR? वही दर डालें जो आपका बैंक बताता है। जल्दी मासिक अनुमान के लिए दोनों चलेंगे, हालाँकि APY में साल भर के चक्रवृद्धि असर पहले से शामिल होते हैं।
12 से भाग क्यों देते हैं? एक साल में 12 महीने होते हैं, इसलिए सालाना दर को 12 से भाग देने पर एक महीने का हिस्सा मिल जाता है।