यह कैलकुलेटर क्या करता है
यह टूल किसी दीर्घवृत्त (ellipse) का उसके दो अर्ध-अक्षों a और b के आधार पर पूरा विश्लेषण करता है। यह आपको रैखिक उत्केन्द्रता c (केंद्र से प्रत्येक नाभि तक की दूरी), उत्केन्द्रता e, अर्ध-दीर्घ (semi-major) और अर्ध-लघु (semi-minor) अक्ष, घिरा हुआ क्षेत्रफल और परिमाप का सटीक अनुमान बताता है। बड़ा अक्ष क्षैतिज हो या लंबवत—इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता, क्योंकि कैलकुलेटर बड़े मान को अपने आप अर्ध-दीर्घ अक्ष मान लेता है।
इसका उपयोग कैसे करें
दोनों अर्ध-अक्षों की लंबाई किसी एक ही इकाई (unit) में दर्ज करें—परिणाम भी उसी इकाई में मिलेगा। अर्ध-अक्ष यानी दीर्घवृत्त की पूरी चौड़ाई या ऊँचाई का आधा हिस्सा। 'गणना करें' दबाते ही नाभि दूरी और उत्केन्द्रता तुरंत सामने आ जाएगी।
सूत्र की पूरी समझ
दीर्घवृत्त की दोनों नाभियाँ (foci) दीर्घ अक्ष पर केंद्र से c दूरी पर होती हैं, जहाँ \(c = \sqrt{\left|\,a^{2} - b^{2}\,\right|}\)। उत्केन्द्रता \(e = \frac{c}{a_3}\) (यहाँ \(a_3\) अर्ध-दीर्घ अक्ष है) यह बताती है कि दीर्घवृत्त कितना खिंचा हुआ है: \(e = 0\) का अर्थ है पूर्ण वृत्त, और जैसे-जैसे दीर्घवृत्त लंबा व पतला होता जाता है, \(e\) का मान 1 की ओर बढ़ता है। क्षेत्रफल \(\pi a b\) होता है, जबकि परिमाप के लिए रामानुजन का दूसरा सन्निकटन (Ramanujan's second approximation) इस्तेमाल किया जाता है, जो हर अनुपात के लिए बेहद सटीक है।
हल किया गया उदाहरण
मान लीजिए a = 5 और b = 3:
$$c = \sqrt{\left|\,25 - 9\,\right|} = \sqrt{16} = 4$$उत्केन्द्रता
$$e = \frac{4}{5} = 0.8$$क्षेत्रफल
$$A = \pi \times 5 \times 3 \approx 47.124$$दोनों नाभियाँ दीर्घ अक्ष के साथ केंद्र के दोनों ओर 4 इकाई की दूरी पर स्थित होंगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
अगर a और b बराबर हों तो? तब दीर्घवृत्त एक वृत्त बन जाता है: \(c = 0\) और \(e = 0\), यानी केंद्र पर ही एकमात्र नाभि होती है।
क्या अक्षों का क्रम मायने रखता है? नहीं। कैलकुलेटर स्वयं बड़ा अक्ष पहचान लेता है, इसलिए आप a और b को किसी भी क्रम में दर्ज कर सकते हैं।
परिमाप केवल अनुमानित क्यों है? दीर्घवृत्त के परिमाप का कोई सरल बंद सूत्र नहीं होता (इसके लिए दीर्घवृत्तीय समाकलन/elliptic integral चाहिए)। रामानुजन का सूत्र वास्तविक मान से एक प्रतिशत के बहुत छोटे अंश तक ही अंतर रखता है।