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सूत्र (फॉर्मूला)

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  1. Area

    Area: दीर्घवृत्त नाभि एवं उत्केन्द्रता कैलकुलेटर

    Area of the ellipse

  2. Perimeter (Ramanujan)

    Perimeter (Ramanujan): दीर्घवृत्त नाभि एवं उत्केन्द्रता कैलकुलेटर

    Ramanujan approximation; A = max(a,b), B = min(a,b), h = (A-B)^2 / (A+B)^2

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परिणाम

रैखिक उत्केन्द्रता (c)
4
केंद्र से प्रत्येक नाभि तक की दूरी
उत्केन्द्रता (e) 0.8
अर्ध-दीर्घ अक्ष 5
अर्ध-लघु अक्ष 3
क्षेत्रफल 47.1239
परिमाप (अनुमानित) 25.527

यह कैलकुलेटर क्या करता है

यह टूल किसी दीर्घवृत्त (ellipse) का उसके दो अर्ध-अक्षों a और b के आधार पर पूरा विश्लेषण करता है। यह आपको रैखिक उत्केन्द्रता c (केंद्र से प्रत्येक नाभि तक की दूरी), उत्केन्द्रता e, अर्ध-दीर्घ (semi-major) और अर्ध-लघु (semi-minor) अक्ष, घिरा हुआ क्षेत्रफल और परिमाप का सटीक अनुमान बताता है। बड़ा अक्ष क्षैतिज हो या लंबवत—इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता, क्योंकि कैलकुलेटर बड़े मान को अपने आप अर्ध-दीर्घ अक्ष मान लेता है।

इसका उपयोग कैसे करें

दोनों अर्ध-अक्षों की लंबाई किसी एक ही इकाई (unit) में दर्ज करें—परिणाम भी उसी इकाई में मिलेगा। अर्ध-अक्ष यानी दीर्घवृत्त की पूरी चौड़ाई या ऊँचाई का आधा हिस्सा। 'गणना करें' दबाते ही नाभि दूरी और उत्केन्द्रता तुरंत सामने आ जाएगी।

सूत्र की पूरी समझ

दीर्घवृत्त की दोनों नाभियाँ (foci) दीर्घ अक्ष पर केंद्र से c दूरी पर होती हैं, जहाँ \(c = \sqrt{\left|\,a^{2} - b^{2}\,\right|}\)। उत्केन्द्रता \(e = \frac{c}{a_3}\) (यहाँ \(a_3\) अर्ध-दीर्घ अक्ष है) यह बताती है कि दीर्घवृत्त कितना खिंचा हुआ है: \(e = 0\) का अर्थ है पूर्ण वृत्त, और जैसे-जैसे दीर्घवृत्त लंबा व पतला होता जाता है, \(e\) का मान 1 की ओर बढ़ता है। क्षेत्रफल \(\pi a b\) होता है, जबकि परिमाप के लिए रामानुजन का दूसरा सन्निकटन (Ramanujan's second approximation) इस्तेमाल किया जाता है, जो हर अनुपात के लिए बेहद सटीक है।

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दीर्घवृत्त का आरेख जिसमें अर्ध-दीर्घ अक्ष a, अर्ध-लघु अक्ष b, दो नाभि और नाभीय दूरी c दर्शाई गई है
अर्ध-अक्षों a और b वाला एक दीर्घवृत्त, उसके दो नाभि और केंद्र से नाभि तक मापी गई रैखिक उत्केंद्रता c।

हल किया गया उदाहरण

मान लीजिए a = 5 और b = 3:

$$c = \sqrt{\left|\,25 - 9\,\right|} = \sqrt{16} = 4$$

उत्केन्द्रता

$$e = \frac{4}{5} = 0.8$$

क्षेत्रफल

$$A = \pi \times 5 \times 3 \approx 47.124$$

दोनों नाभियाँ दीर्घ अक्ष के साथ केंद्र के दोनों ओर 4 इकाई की दूरी पर स्थित होंगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

अगर a और b बराबर हों तो? तब दीर्घवृत्त एक वृत्त बन जाता है: \(c = 0\) और \(e = 0\), यानी केंद्र पर ही एकमात्र नाभि होती है।

क्या अक्षों का क्रम मायने रखता है? नहीं। कैलकुलेटर स्वयं बड़ा अक्ष पहचान लेता है, इसलिए आप a और b को किसी भी क्रम में दर्ज कर सकते हैं।

परिमाप केवल अनुमानित क्यों है? दीर्घवृत्त के परिमाप का कोई सरल बंद सूत्र नहीं होता (इसके लिए दीर्घवृत्तीय समाकलन/elliptic integral चाहिए)। रामानुजन का सूत्र वास्तविक मान से एक प्रतिशत के बहुत छोटे अंश तक ही अंतर रखता है।

अंतिम अपडेट: