NIH स्ट्रोक स्केल (NIHSS) क्या है?
नेशनल इंस्टिट्यूट्स ऑफ हेल्थ स्ट्रोक स्केल (NIHSS) एक मानकीकृत 11-आइटम क्लिनिकल टूल है, जिसका उपयोग दुनिया भर में एक्यूट स्ट्रोक से होने वाली न्यूरोलॉजिकल कमजोरी को मापने के लिए किया जाता है। हर आइटम किसी एक विशेष क्रिया का आकलन करता है — चेतना का स्तर, आँखों की गति, दृष्टि, चेहरे और हाथ-पैरों की हरकत, संवेदना, भाषा, बोली और ध्यान। सभी स्कोर जोड़कर 0 (कोई कमी नहीं) से 42 (गंभीर स्ट्रोक) तक का एक अंक मिलता है। यह कैलकुलेटर केवल क्लिनिकल शिक्षा और दस्तावेज़ीकरण में सहायता के लिए है; यह प्रशिक्षित चिकित्सक द्वारा की गई जाँच का विकल्प नहीं है।
इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें
मरीज़ की जाँच करें और ड्रॉपडाउन मेनू से 11 में से हर आइटम के लिए उपयुक्त स्कोर चुनें। जिन आइटम में बाएँ/दाएँ दोनों ओर की जाँच जोड़ी जाती है (मोटर आर्म और मोटर लेग), उन्हें मानक NIHSS तरीके के अनुसार दर्ज करें। फ़ॉर्म सबमिट करें और कैलकुलेटर हर आइटम को जोड़कर कुल NIHSS स्कोर और गंभीरता की श्रेणी बता देगा।
फ़ॉर्मूला सरल भाषा में
यह गणना सीधा जोड़ है: $$\text{NIHSS} = \text{1a} + \text{1b} + \text{1c} + \text{2} + \text{3} + \text{4} + \text{5} + \text{6} + \text{7} + \text{8} + \text{9} + \text{10} + \text{11}$$। इसमें किसी आइटम को अलग से वेटेज नहीं दिया जाता — हर आइटम बस अपना अंक जोड़ता है। आमतौर पर मानी जाने वाली गंभीरता श्रेणियाँ इस प्रकार हैं: 0 = कोई स्ट्रोक लक्षण नहीं, 1–4 = हल्का, 5–15 = मध्यम, 16–20 = मध्यम से गंभीर, और 21–42 = गंभीर स्ट्रोक।
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए किसी मरीज़ का स्कोर है: LOC 1, LOC प्रश्न 1, LOC आदेश 0, गेज़ 1, दृष्टि क्षेत्र 1, चेहरे का पक्षाघात 2, मोटर आर्म 3, मोटर लेग 2, अटैक्सिया 0, संवेदना 1, भाषा 1, डिसार्थ्रिया 1, नेग्लेक्ट 1। कुल योग $$1+1+0+1+1+2+3+2+0+1+1+1+1 = 15$$ है, जो मरीज़ को मध्यम स्ट्रोक श्रेणी में रखता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
NIHSS का अधिकतम स्कोर कितना होता है? अधिकतम स्कोर 42 है, जो बहुत गंभीर स्ट्रोक को दर्शाता है।
कौन-सा स्कोर गंभीर स्ट्रोक का संकेत देता है? 21 और उससे अधिक के स्कोर को आमतौर पर गंभीर माना जाता है।
क्या यह क्लिनिकल निर्णय की जगह ले सकता है? नहीं। NIHSS आकलन और संवाद में मदद करता है, लेकिन इसका उपयोग उचित रूप से प्रशिक्षित स्वास्थ्य पेशेवरों द्वारा, इमेजिंग और क्लिनिकल संदर्भ के साथ ही किया जाना चाहिए।