प्रकाश-विद्युत प्रभाव कैलकुलेटर क्या है?
यह उपकरण आइंस्टीन के प्रसिद्ध प्रकाश-विद्युत समीकरण का उपयोग करके यह बताता है कि जब किसी निश्चित आवृत्ति का प्रकाश धातु की सतह पर पड़ता है, तो उससे बाहर निकलने वाले इलेक्ट्रॉनों की अधिकतम गतिज ऊर्जा कितनी होगी। चूँकि यह मूलभूत भौतिक नियतांकों पर आधारित है, इसलिए यह एक सार्वभौमिक भौतिकी कैलकुलेटर है जो दुनिया में कहीं भी समान रूप से लागू होता है।
इसका उपयोग कैसे करें
आपतित प्रकाश की आवृत्ति को \(\times 10^{14}\ \text{Hz}\) की इकाई में भरें (दृश्य प्रकाश की आवृत्ति लगभग 4 से \(7.5 \times 10^{14}\ \text{Hz}\) के बीच होती है) और धातु का कार्य-फलन \(\Phi\) इलेक्ट्रॉन-वोल्ट (eV) में दर्ज करें। कैलकुलेटर आपको फोटॉन की ऊर्जा, इलेक्ट्रॉन की अधिकतम गतिज ऊर्जा, देहली आवृत्ति, और यह बताएगा कि उत्सर्जन होगा या नहीं।
सूत्र की व्याख्या
इसका मूल समीकरण है
$$KE_{max} = h \cdot f - \Phi$$जहाँ \(h\) प्लांक नियतांक है (\(6.626 \times 10^{-34}\ \text{J}\cdot\text{s}\)), \(f\) प्रकाश की आवृत्ति है, और \(\Phi\) धातु का कार्य-फलन है। प्रत्येक फोटॉन \(E = h \cdot f\) ऊर्जा वहन करता है। यदि यह ऊर्जा \(\Phi\) से अधिक होती है, तो बची हुई ऊर्जा इलेक्ट्रॉन की गतिज ऊर्जा बन जाती है; और यदि कम होती है, तो कोई इलेक्ट्रॉन बाहर नहीं निकलता। देहली आवृत्ति \(f_0 = \Phi / h\) से निकाली जाती है।
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए \(f = 10 \times 10^{14}\ \text{Hz}\) (अर्थात् \(1.0 \times 10^{15}\ \text{Hz}\)) और \(\Phi = 2.3\ \text{eV}\): फोटॉन ऊर्जा
$$\frac{h \cdot f}{e} = \frac{6.626 \times 10^{-34} \times 1.0 \times 10^{15}}{1.602 \times 10^{-19}} \approx 4.136\ \text{eV}$$अब
$$KE_{max} = 4.136 - 2.3 \approx 1.836\ \text{eV}$$देहली आवृत्ति
$$f_0 = \frac{2.3 \times 1.602 \times 10^{-19}}{6.626 \times 10^{-34}} \approx 5.56 \times 10^{14}\ \text{Hz}$$चूँकि फोटॉन की ऊर्जा कार्य-फलन से अधिक है, इसलिए इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित होते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यदि फोटॉन की ऊर्जा कार्य-फलन से कम हो तो क्या होगा? तब कोई इलेक्ट्रॉन बाहर नहीं निकलता; \(KE_{max}\) को 0 दिखाया जाता है और "इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित हुआ?" में "नहीं" प्रदर्शित होता है।
आवृत्ति \(\times 10^{14}\ \text{Hz}\) में क्यों दी जाती है? दृश्य और दृश्य के आसपास के प्रकाश की आवृत्तियाँ लगभग \(10^{14}\ \text{Hz}\) के क्रम में होती हैं, इसलिए इस पैमाने पर संख्याएँ भरना आसान और सुविधाजनक रहता है।
क्या प्रकाश की तीव्रता का कोई असर पड़ता है? तीव्रता केवल इलेक्ट्रॉनों की संख्या को प्रभावित करती है, उनकी अधिकतम गतिज ऊर्जा को नहीं — \(KE_{max}\) केवल आवृत्ति और कार्य-फलन से तय होती है।