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गणना दर्ज करें

सूत्र (फॉर्मूला)

Show calculation steps (3)
  1. New Monthly Payment

    New Monthly Payment: कैश-आउट रिफाइनेंस कैलकुलेटर

    Standard amortized payment. r = monthly rate = Rate/1200; n = Term x 12.

  2. New Loan-to-Value (LTV)

    New Loan-to-Value (LTV): कैश-आउट रिफाइनेंस कैलकुलेटर

    New loan as a percentage of home value.

  3. Total Interest Paid

    Total Interest Paid: कैश-आउट रिफाइनेंस कैलकुलेटर

    Total of all payments minus the principal. M = monthly payment; n = Term x 12.

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परिणाम

अनुमानित कैश आउट
$74,000
पुराना लोन और क्लोज़िंग कॉस्ट चुकाने के बाद हाथ में आने वाला शुद्ध नकद
New Monthly Payment (P&I) $1,769.79
नया लोन-टू-वैल्यू (LTV) 70%
पूरी अवधि में कुल ब्याज $357,124.57

कैश-आउट रिफाइनेंस कैलकुलेटर क्या है?

कैश-आउट रिफाइनेंस में आपकी मौजूदा मॉर्गेज की जगह एक नया, बड़ा लोन ले लिया जाता है और दोनों के बीच का अंतर आपको नकद के रूप में मिल जाता है। यह कैलकुलेटर अमेरिकी मॉर्गेज नियमों के आधार पर अनुमान लगाता है कि आपको कितना नकद मिलेगा, आपकी नई मासिक मूलधन एवं ब्याज (P&I) की किस्त कितनी होगी, आपका नया लोन-टू-वैल्यू (LTV) अनुपात क्या रहेगा, और नए लोन की पूरी अवधि में आप कुल कितना ब्याज चुकाएंगे। ध्यान दें — यह एक अमेरिकी टूल है; भारत में होम लोन टॉप-अप के नियम और शर्तें अलग होती हैं।

इसका उपयोग कैसे करें

अपने घर की मौजूदा कीमत, मौजूदा मॉर्गेज पर बकाया राशि, जो नया लोन आप लेना चाहते हैं उसकी रकम, अनुमानित क्लोज़िंग कॉस्ट, नई ब्याज दर (APR), और नए लोन की अवधि (वर्षों में) दर्ज करें। कैलकुलेटर तुरंत आपको हाथ में आने वाला शुद्ध नकद और नए लोन की लागत दिखा देगा।

फ़ॉर्मूला समझें

शुद्ध नकद की गणना बहुत आसान है: कैश आउट = नया लोन − मौजूदा बकाया − क्लोज़िंग कॉस्ट

$$\text{कैश आउट} = \text{नया लोन} - \text{मौजूदा बकाया} - \text{क्लोज़िंग कॉस्ट}$$

नई मासिक किस्त के लिए मानक अमॉर्टाइज़ेशन फ़ॉर्मूला इस्तेमाल होता है:

$$M = L \cdot \frac{r}{1 - (1+r)^{-n}}$$

जहाँ \(L\) नई लोन राशि है, \(r\) मासिक ब्याज दर है (\(\text{APR} \div 12 \div 100\)), और \(n\) कुल मासिक किस्तों की संख्या है (\(\text{वर्ष} \times 12\))। कुल ब्याज \(= M \times n - \text{लोन}\)।

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फ्लैट बार आरेख जो नए बंधक को मौजूदा बकाया, क्लोजिंग लागत और शुद्ध नकद निकासी में बाँटता है
नई ऋण राशि पुराने बकाया, क्लोजिंग लागत और आपको मिलने वाली नकद राशि में बँटती है।

उदाहरण से समझें

मान लीजिए आपके घर की कीमत $400,000 है, आप पर $200,000 बकाया है, और आप 6.5% दर पर 30 साल के लिए $280,000 का नया लोन लेते हैं जिसमें $6,000 की क्लोज़िंग कॉस्ट है। कैश आउट $$280{,}000 - 200{,}000 - 6{,}000 = \$74{,}000$$ । \(r = 0.0054167\) और \(n = 360\) के साथ, मासिक किस्त लगभग $1,769.98 होगी, LTV 70% रहेगा, और 30 साल में कुल ब्याज लगभग $357,191 बैठेगा।

पाई या स्टैक्ड बार जो घर के मूल्य को ऋण हिस्से और इक्विटी हिस्से के साथ लोन-टू-वैल्यू अनुपात के लिए दिखाता है
लोन-टू-वैल्यू नए ऋण की तुलना घर के मूल्यांकित मूल्य से करता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या इसमें टैक्स और बीमा शामिल है? नहीं — मासिक राशि केवल मूलधन और ब्याज (P&I) की है। प्रॉपर्टी टैक्स और होमओनर्स इंश्योरेंस के लिए एस्क्रो अलग से जुड़ता है।

कैश-आउट के लिए लेंडर कितना LTV देते हैं? सामान्य (conventional) कैश-आउट रिफाइनेंस आमतौर पर 80% LTV तक सीमित होते हैं, हालांकि लोन के प्रकार और लेंडर के अनुसार यह सीमा बदलती रहती है।

क्या क्लोज़िंग कॉस्ट हमेशा नकद चुकानी पड़ती है? ज़रूरी नहीं — कई उधारकर्ता क्लोज़िंग कॉस्ट को नए लोन में ही जोड़ लेते हैं, जिससे हाथ में आने वाला नकद कम हो जाता है पर जेब से तुरंत कुछ नहीं देना पड़ता।

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