यह कैलकुलेटर क्या करता है
ज़्यादातर क्रेडिट कार्ड कंपनियाँ ब्याज को महीने के बजाय रोज़ाना (डेली कंपाउंडिंग) जोड़ती हैं। यह कैलकुलेटर बताता है कि बकाया बैलेंस असल में कितना महंगा पड़ता है — यह आपके कार्ड की APR को दैनिक दर (Daily Periodic Rate यानी DPR) में बदलकर उतने दिनों से गुणा करता है जितने दिन आप बैलेंस रखते हैं। देर से भुगतान करने, दो स्टेटमेंट के बीच बैलेंस ढोने, या पूरा भुगतान न करने की असली कीमत समझने के लिए यह बहुत काम आता है। ध्यान दें कि यह उदाहरण अमेरिकी क्रेडिट कार्ड (डॉलर और APR आधारित) पर आधारित है; भारत समेत हर देश के कार्ड पर ब्याज की गणना का तरीका वही रहता है, बस मुद्रा और दरें अलग होती हैं।
इसका इस्तेमाल कैसे करें
अपना मौजूदा बकाया बैलेंस, कार्ड की APR (वार्षिक प्रतिशत दर, जैसे 19.99), और जितने दिन बैलेंस रखना है उनकी संख्या डालें। यह टूल आपको दैनिक दर (DPR), हर दिन जुड़ने वाला ब्याज, पूरी अवधि का कुल ब्याज, और आपका अनुमानित नया बैलेंस बता देगा।
फ़ॉर्मूला आसान भाषा में
दैनिक दर बस APR को 365 से भाग देकर निकलती है: $$\text{DPR} = \frac{\text{APR}}{100 \times 365}$$। हर दिन का ब्याज = बैलेंस × DPR होता है। पूरी अवधि के लिए इस रोज़ाना ब्याज को दिनों की संख्या से गुणा कर दीजिए। पूरा सूत्र इस तरह है: $$\text{Interest} = \text{Balance} \times \frac{\text{APR \%}}{100 \times 365} \times \text{Days}$$ यह सरल-ब्याज (simple interest) मॉडल मानता है कि बैलेंस स्थिर रहता है; असली कार्ड हर दिन का ब्याज बैलेंस में जोड़ते रहते हैं (कंपाउंडिंग), इसलिए लंबी अवधि में असली शुल्क थोड़ा ज़्यादा हो सकता है।
हल किया हुआ उदाहरण
मान लीजिए आपके कार्ड पर 19.99% APR है और आप $1,000 का बैलेंस 30 दिन तक रखते हैं। दैनिक दर होगी \(19.99 / 100 / 365 = 0.0005477\)। रोज़ाना ब्याज = \(\$1{,}000 \times 0.0005477 = \$0.5477\)। 30 दिनों में यह करीब $16.43 बनता है, जिससे आपका बैलेंस लगभग $1,016.43 हो जाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
यह सरल ब्याज है या चक्रवृद्धि? यह एक स्थिर बैलेंस पर सरल दैनिक ब्याज लगाता है। असली कार्ड आमतौर पर हर दिन जुड़े ब्याज को बैलेंस में मिला लेते हैं, इसलिए यह अनुमान सटीक के बहुत करीब, पर थोड़ा कम (conservative) रहता है।
365 से ही भाग क्यों? ज़्यादातर अमेरिकी कार्ड कंपनियाँ दैनिक दर के लिए 365 दिन का साल मानती हैं; कुछ 360 भी इस्तेमाल करती हैं। अगर आपकी कंपनी अलग तरीका अपनाती है, तो APR को थोड़ा एडजस्ट कर लें।
यह ब्याज कैसे बचाऊँ? हर महीने ग्रेस पीरियड के अंदर अपना पूरा स्टेटमेंट बैलेंस चुका दें। ब्याज सिर्फ़ तभी लगता है जब बैलेंस ड्यू डेट के बाद तक बकाया रहता है।