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सूत्र (फॉर्मूला)

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परिणाम

t वर्षों के बाद बुक वैल्यू
6,400
बची हुई बुक वैल्यू
वार्षिक मूल्यह्रास 1,800
संचित मूल्यह्रास 3,600
मूल्यह्रास आधार (लागत − अवशिष्ट मूल्य) 9,000

सीधी रेखा मूल्यह्रास क्या है?

सीधी रेखा (लीनियर) मूल्यह्रास किसी अचल संपत्ति (फिक्स्ड एसेट) की लागत को उसके पूरे उपयोगी जीवनकाल में बराबर-बराबर बाँट देता है। हर साल एक समान राशि खर्च के रूप में दर्ज होती है, जिससे संपत्ति की बुक वैल्यू उसकी मूल लागत से धीरे-धीरे घटकर अंतिम (अवशिष्ट या salvage) मूल्य तक पहुँच जाती है। यह लेखांकन में सबसे सरल और सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाली मूल्यह्रास विधि है।

समय के साथ लागत से अवशिष्ट मूल्य तक घटती सीधी रेखा
सीधी-रेखा मूल्यह्रास: बही मूल्य हर साल समान राशि से घटता है, लागत से अवशिष्ट मूल्य तक।

इस कैलकुलेटर का उपयोग कैसे करें

संपत्ति की लागत, जीवनकाल के अंत में उसका अनुमानित अवशिष्ट मूल्य (salvage value), उपयोगी जीवन (वर्षों में) और अब तक कितने साल बीत चुके हैं (\(t\)) — ये जानकारी भरें। कैलकुलेटर आपको हर साल का स्थिर मूल्यह्रास, अब तक का संचित मूल्यह्रास और बची हुई बुक वैल्यू बता देगा।

फॉर्मूला समझें

मूल्यह्रास का आधार (depreciable base) यानी लागत में से अवशिष्ट मूल्य घटाना। इसे उपयोगी जीवन से भाग देने पर वार्षिक मूल्यह्रास खर्च मिलता है:

$$D = \frac{\text{लागत} - \text{अवशिष्ट मूल्य}}{\text{जीवनकाल}}$$

इसे बीते हुए वर्षों से गुणा करने पर संचित मूल्यह्रास मिलता है, और इसे लागत में से घटाने पर बुक वैल्यू निकलती है:

$$V(t) = \text{लागत} - D \times t$$
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आरेख जिसमें लागत घटा अवशिष्ट मूल्य को जीवन से भाग देने पर समान वार्षिक राशि मिलती है
वार्षिक मूल्यह्रास = (लागत − अवशिष्ट मूल्य) ÷ उपयोगी जीवन, हर साल समान।

एक हल किया हुआ उदाहरण

मान लीजिए एक मशीन की कीमत 10,000 है, उसका अवशिष्ट मूल्य 1,000 और जीवनकाल 5 साल है। तब वार्षिक मूल्यह्रास होगा

$$\frac{10{,}000 - 1{,}000}{5} = 1{,}800 \text{ प्रति वर्ष।}$$

2 साल बाद संचित मूल्यह्रास 3,600 हो जाता है, जिससे बुक वैल्यू बचती है

$$10{,}000 - 3{,}600 = 6{,}400.$$

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या बुक वैल्यू अवशिष्ट मूल्य से नीचे जा सकती है? सीधी रेखा विधि के अनुसार किसी संपत्ति का मूल्यह्रास अवशिष्ट मूल्य से नीचे नहीं किया जाना चाहिए, इसलिए जैसे ही \(t\) उपयोगी जीवनकाल तक पहुँच जाए, गणना रोक दें।

अवशिष्ट मूल्य (salvage value) क्या है? यह वह अनुमानित राशि है जिस पर संपत्ति को उसके उपयोगी जीवन के अंत में बेचा जा सकता है, इसे रेसिडुअल वैल्यू भी कहते हैं।

क्या यह विधि टैक्स के लिए मान्य है? नियम हर देश में अलग-अलग होते हैं; भारत समेत कई कर प्रणालियों में त्वरित (accelerated) विधियाँ या तय दरें इस्तेमाल होती हैं — जैसे भारत में आयकर के लिए राइटन डाउन वैल्यू (WDV) पद्धति आम है। इसलिए रिटर्न दाखिल करने से पहले अपने देश के स्थानीय नियम ज़रूर जाँच लें।

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